रंग-बिरंगे फूलों की खेती कर सजाएँ अपना खेत और बढाएं अपनी आय Rahul Saharan, September 25, 2024September 25, 2024 राम राम किसान साथियों आपके लिए आज हम एक ऐसा आए बढ़ाने का सूत्र लेकर आए है। आप अपनी आय में वृद्धि हेतु बहुत सी अलग-अलग प्रकार की फसलों की खेती करते है। तथा उसमे अनेक वैज्ञानिक विधियों और तकनीकों का इस्तेमाल करते है। आज हम आपके लिए उन सभी पारम्परिक फसलों से हटकर लाए है रंग बिरंगे फूलों की खेती के बारे में जानकारी। आप रंग बिरंगे फूलों की खेती करके भी अपनी आय में वृद्धि कर सकते है।Also Read मचान विधि से बढ़ाए सब्जियों की पैदावार: जानिए बीज की बुवाई के आसान तरीके किसान साथियो जैसा की आप सभी को मालूम है कि आज के इस दौर किसान का लगाव व्यवसायिक प्रकार की खेती की और बढ़ता ही जा रहा है। तो इस लगाव को बरकरार रखने तथा आय में वृद्धि करने के लिए रंग बिरंगे फूलो की खेती भी किसानो के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध हो रही है। इसका प्रमाण के रूप में आप शाहाबाद इलाके के शहरोल तलहटी के युवा किसान रूप सिंह के कार्य को देख सकते है। इन्होने अपनी आय वे वृद्धि करने की ऊँची सोच को लेकर के अपनी मात्र 3 बीघा कृषि भूमि से रंग बिरंगे फूलो की खेती करने की शुरुआत की। और आज ये इन फूलों की खेती के द्वारा बहुत अधिक लाभ कमा रहे है। और इस समय के मौसम के अनुसार रूप सिंह इन फूलों की खेती से अच्छी खासी उत्पादकता ले रहे है। और इसकी खेती करने में आपको बहुत अधिक सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता होती है। किसान साथियों आपको बता दें की फूलो की खेती आप मौसम के अनुरूप कर सकते है। जैसे की यदि आप गेंदे के फूलो की खेती करते है तो इसके लिए सितम्बर महीना सबसे अधिक अनुकूल माना जाता है। इसके बाद अगले आने वाले महीनो में आप नवरंगा, गुलदाउदी तथा सेवंती जैसे फूलों की खेती कर सकते है। और इनसे आप अच्छी खासी पैदावार ले सकते है। गेंदे के फूलों के बीज आसानी से उपलब्ध हो जाते है।रूप सिंह गुलदाउदी और सेवंती के फूलो की खेती करने के लिए इनके पौध/इनकी छोटे पौधे अजमेर, रतलाम तथा उज्जैन से मंगवाते है। और इस पौध को लगाने के बाद इसके पोधो में लगभग 50-60 दिनों में फूल लगने शुरू हो जाते है। और गुलाब का पौधा एकमात्र ऐसा फूल वाला पौधा होता है जो की पुरे साल यानी 12 महीने फूल देता है। परन्तु समय-समय पर इसकी कटाई तथा देखभाल करनी होती है। सबसे महत्वपूर्ण बात जो है वो ये की फूलों के पोधो को खाद और उर्वरक सही समय और सही मात्रा में देना फूलों के उत्पादन में एक मत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।गेंदे के फूल-किसान साथियो गेंदे के फूल कई रंग और कई प्रकार के पाए जाते है। इसकी कुछ प्रजातियो में औषधीय महत्व के गुण भी पाए जाते है। गेंदे का एक फूल जिसे कैलेंडुला कहते है यह फूल पिले और नारंगी रंग में उपलब्ध होता है। और जैसा की आपको बताया है की इसका औषधीय महत्व होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस फूल की हरी चाय हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही गुणकारी होती है। और सबसे महत्वपूर्ण बात इसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधन के उत्पादों को बनाने में भी किया जाता है। इस की खेती करने के लिए 15 डिग्री सेल्सियस से लेकर के लगभग 34 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सबसे अनुकूल रहता है। और इन फूलो की खेती आप अपने बगीचे, खेत तथा पौधे लगाने वाले थैलो में भी करे सकते है।बुवाई कैसे करें-किसान साथियो इन फूलो की खेती करने के लिए आपको सबसे पहले जहाँ पर आप इनकी खेती कर रहे है उस जगह पर जैविक खाद के इस्तेमाल के साथ मिट्टी को तैयार करें। और इसके बाद खेत में इन फूलों के बीजो को लगजाते समय ध्यान रखे इनके बीजो के बीच में कम से कम 1 फिट की दुरी होनी चाहिए तथा एक साथ 2 बीजों को बोना है। और यदि आप इन फूलों को किसी गमले में लगाते है तो गमले के केंद्र भाग में एक साथ 2 बीजों को लगाए। इन बीजों को लगा देने के पश्चात आपको इन पर एक हल्की सिंचाई जरूर करनी है।खाद कैसे दें –किसान साथियो सबसे महत्वपूर्ण बात ये है की लगभग 7 दिनों के बाद इन बीजों का अंकुरण होने लग जाता है। तो आपको लगभग डेढ़ महीने तक इनको कुछ भी नहीं देना है। डेढ़ महीना बीत जाने के बाद आप इन पोधो की जड़ों के आस पास निराई गुड़ाई करके खरपतवार को हटाकर साफ सफाई कर देवें। निराई-गुड़ाई करने के पश्चात आपको 15:15 के अनुसार इन पोधो में NPK (नाइट्रोजन,फास्फोरस तथा पोटेशियम) उर्वरक को डालना है। और इन फूलों के पोधो की पत्तियों को कीटों से बचने के लिए उपयुक्त इलाज आवश्यक रूप से करें।फूलों की खेती में बरती जाने वाली सावधानियाँ-किसान साथियों फूलों की खेती करने में बहुत सी सावधानियाँ रखनी होती है जो की निम्न प्रकार से है –Also Read सब्जियों की महंगाई : प्याज, टमाटर और लहसुन की कीमतें तीन गुना बढ़ीं 1. खाद देना- किसान साथियो फूलों की खेती में अच्छी पैदावार लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलु होता है खाद और उर्वरक का। समय समय पर आवश्यकता के अनुसार खाद एवं उर्वरको का इस्तेमाल करते रहें।2. सिंचाई- किसान साथियो आपको ये जानकार बहुत अधिक हर्ष होगा की फूलों की खेती में बहुत अधिक मात्रा में सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं होती है। यानी की फूलो की खेती काम पानी वाले क्षेत्रों में भी की जाए सकती है। और साथी खेत की नमी की मात्रा को भी ध्यान में रखें।3. तापमान- किसान साथियों फूलो की खेती के लिए तापमान बहुत अधिक आवश्यक होता है क्योंकि फूल में श्वसन की क्रिया अधिक तापमान पर ज्यादा होती है और कम तापमान होने पर श्वसन की क्रिया धीमी होती है। गुलाब के फूलो को लगभग 4-7 डिग्री तापमान पर कोल्डस्टोरेज में रखने से ये फूल बहुत दिनों तक ताजा रह सकते है। यानि की ये कम तापमान पर जल्दी खराब नहीं होते है।4. भण्डारण (पैकेजिंग)- किसान साथियो फूलो की पैकिंग करते समय कुछ बातों का विशेष तौर पर रखना चाहिए। आप जब पैकेजिंग करते है तो वो पैकेजिंग ऐसी हो की फूलो में यातायात समय श्वसन और कोशिका विभाजन की मात्रा कम हो। जिससे की उनके भंडारण के अवधि और फूलों की गुणवत्ता को बरकरार रखा जा सके। पैकेजिंग वाटर प्रूफ हो, नमी न सोखने वाली हो, हवा ना आ-जा सके(एयरटाइट), जिस कंटेनर में आप फूलों को पैक कर रहे है उसका आकर छोटा होना चाहिए। जिससे की यातायात के समय फूलो को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचे और उनको सुरक्षित रूप से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा सके। कृषि सलाह